मेनिस्कस मरम्मत के बाद पुनर्वास

मेनिस्कस मरम्मत के बाद पुनर्वास

मेनिस्कस टियर के बारे में सम्पूर्ण जानकारी:

एनाटोमी:

मेनिस्कस “वेज आकार” की कुशन डिस्क की तरह हैं (मुख्य रूप से कोलेजनटाइप 1 की बनी हुई) जो जांघ और पैर की हड्डियों के बीच उपस्थित होती है । प्रत्येक घुटने के जोड़ में दो मेनिस्कस होते हैं, बाहरी (लेटरल) और आंतरिक (मीडियल) । ये मेनिस्कस मुख्य रूप से साइनोविअल तरल पदार्थ (तरल पदार्थ जो घुटने के जोड़ में मौजूद है) से अपना पोषण प्राप्त करते हैं। एक मेनिस्कस के 3 मुख्य हिस्से होते है- एक पोस्टीरियर हॉर्न, एक बॉडी, और एक एंटीरियर हॉर्न। आंतरिक मिनिस्कस बाहरी मिनिस्कस की तुलना में अंडाकार और आकार में बड़ा होता है। बाहरी मेनिस्कस आकार में अधिक गोलाकार होता है और इसमें सतह क्षेत्र अधिक होता है।

मेनिस्कस क्यों महत्वपूर्ण हैं:

मेनिस्कस लचीली संरचनाएं हैं और वे घुटने के जोड़ में “शॉक अब्सॉर्बर” के रूप में कार्य करते हैं और जॉइंट कार्टिलेज ( जांघ और पैर की हड्डियों के सिरो की चिकनी सतह जो चलने मैं मदद करती है) की रक्षा करते हैं। वे जांघ की हड्डी को पैर की हड्डी में फिट रखने में भी महत्वपूर्ण हैं। मेनिस्कस जोड़ो का सामंजस्य बनाए रखने में मदद करता है और पैर की हड्डी (tibia) और जांघ की हड्डी (femur) के बीच संपर्क क्षेत्र को अधिकतम बनाये रखता है।

मेनिस्कस के फटने का क्या कारण होता है?

युवा रोगियों में मेनिस्कस टियर ज्यादातर घुटने के जोड़ों में घुमावदार (twisting) चोट के कारण होता है। वृद्ध व्यक्तियों में ये ज्यादातर उम्र से संबंधित परिवर्तनों (degenerative changes) के कारण होते हैं। असामान्य आकार (डिस्कोइड मेनिस्कस) या मेनिस्कल सिस्ट जैसे मेनिस्कस की असामान्यताएं भी मेनिस्कस के चोटिल होने की सम्भावना बढ़ा देती है हैं। आंतरिक मेनिस्कस बाहरी से कम मोबाइल है इसलिए आंतरिक मेनिस्कस का टियर अधिक आम है।

क्या सभी मेनिस्कस टियर की मरम्मत की जा सकती है?

मेनिस्कयस की केवल परिधीय 10-25% चौड़ाई में रक्त की आपूर्ति होती है। यह बाहरी या परिधीय क्षेत्र “ रेड-रेड ज़ोन ” के रूप में जाना जाता है। मेनिस्कस की आंतरिक एक तिहाई चौड़ाई में कोई रक्त वाहिकाएं नहीं होती। इसे “वाइट-वाइट ज़ोन” के रूप में जाना जाता है। इन दो ज़ोनो (रेड-वाइट ज़ोन) के बीच में कुछ रक्त वाहिकाएं मौजूद हो सकती हैं। “ रेड-रेड ज़ोन ” के टियर, और रेड-वाइट ज़ोन के कुछ टियर उपचार की क्षमता रखते हैं और इनकी मरम्मत की जा सकती है। अधिकतर टियर “वाइट-वाइट ज़ोन” में मौजूद हैं और मरम्मत नहीं की जा सकती है। वाइट-वाइट ज़ोन के सभी टियर और रेड-वाइट टियर के अधिकांश टियर्स में मेनिस्कस के टुटे हुए पार्ट को हटाने की आवश्यकता होती है।

संकेत और लक्षण:

दर्द और बार बार सूजन का आना आम लक्षण हैं। अक्सर मिनिस्कस का टूटा हुआ टुकड़ा घुटने के मोड़ने जोड़ मैं फँसने पर एक क्लिकिंग ध्वनि और दर्द देता है। ऐसा सीढ़ियों पर चढ़ने या उतरते समय या उकडूं बैठतें समय हो सकता है। कभी-कभी, टूटा हुआ हिस्सा पैर और जांघ की हड्डियों के बीच फंस जाता है और पैर को को सीधा होने से रोक सकता है। इस स्थिति को घुटने का लॉक होना कहते हैं । एक लॉक्ड घुटने को तुरंत डॉक्टर द्वारा सही करने की आवश्यकता हो सकती है।

मेनिस्कल टियर का इलाज कैसे किआ जाता है ?

मेनिस्कल टियर का निदान की पुष्टि (डाइग्नोसिस) क्लीनिकल परीक्षण एवं एम्आरआई से की जाती है । नए टियर, बड़े टियर और बाहरी रेड रेड ज़ोन के टियर की मरम्म्मत की जा सकती है । मेनिस्कल की मरम्मत में टूटे हुए भागों को टांके लगाकर साथ जोड़ दिया जाता है । पुराने टियर, अंदर के वाइट-वाइट ज़ोन के टियर , डिजेनरेटिव टियर और जटिल टियर मे आमतौर पर टुटे हुए हिस्से को काट कर हटा दिया जाता हैं । सभी मेनिस्कल सर्जरी की-होल सर्जरी होती है एवं आर्थोस्कोप (दूरबीन) की मदद से की जाती है ।

व्यायाम और रीहैब

मेनिस्कस मरम्मत के बाद पुनर्वास:

मेनिस्कस की मरम्मत के बाद आपको 4 सप्ताह तक ऑपरेशन हुए घुटने पर वजन नहीं डालना चाहिए और आपके पैर को सीधे घुटने के ब्रेस में रखा जाएगा। सर्जरी के कम से कम 6 महीने के लिए आपको खेल गतिविधियों (कूदना, काटना, घुमावदार गतिविधियों) से दूर रहना चाहिए। चलने के लिए वॉकर या बैसाखी का प्रयोग करें।

सप्ताह 1-2: आपको सर्जरी के बाद 1 सप्ताह के लिए ऑपरेशन हुए घुटने के आसपास 20 मिनट के लिए हर 2 घंटे बर्फ से सेक करना चाहिए। यह सूजन और दर्द को कम करने में मदद करेगा।

एक्सरसाइज:

  1. सीधे पैर को ऊँचा करना (लेट कर, खड़े होकर): जिस पैर की एक्सरसाइज करना चाहते हैं उस पैर को लेटकर या खड़े होने स्थिति में (ब्रेस के साथ) 45 डिग्री उठाएं। ऐसे 10 सेकंड के लिए रोकें और फिर दूसरे पैर के साथ दोहराएं। प्रत्येक पैर के साथ 10 बार करें और दिन में दो बार दोहराएं।
  2. हील प्रॉप्स: एक घुमावदार तोलिये (ब्रेस के बिना) पर एड़ी रखें और 5 सेकंड के लिए इसमें दबाएं, फिर पैर को 5 सेकंड तक आराम करने दें। यह व्यायाम दिन भर हर घंटे10 मिनट के लिए करें। यह पैर के पूर्ण विस्तार (सीधा पैर) प्राप्त करने में मदद करता है।
  3. स्टेटिक क्वाड्रिसेप्स: लेटकर अपने घुटने के नीचे एक घुमावदार तौलिया रखें और ईसको दबाये (पुश करें ) (बिना ब्रेस के)। 10 सेकंड के लिए रोकें और फिर 5 सेकंड के लिए आराम करें । 10 पुनरावृत्ति के तीन सेट करें ।

आप वॉकर का इस्तेमाल करके चल सकते हैं लेकिन ऑपरेशन हुए पैर को जमीन से टच न करे। (पहले महीने में चलते समय जमीन के साथ ऑपरेशन हुए पेर को स्पर्श न करें)।

सप्ताह 3-4

सभी पिछले अभ्यास जारी रखें।

  1. हैमस्ट्रिंग स्ट्रेच (खिचाव): चित्र में दिखाए गए अनुसार अपने पैर को कुर्सी में दबाएं। 10 सेकंड के लिए रोको और 10 बार के लिए दोहराना। दिन में दो बार करें ।
  2. प्रोन हैंग्स: चित्र में दिखाए अनुसार टेबल पर लेट जाएँ और 10 सेकंड के लिए टेबल के किनारे पर पैर लटका लें । इसे 10 बार दोहराएं और इसे दिन में दो बार करें।
  3. कमर के बल पैर सीधा करना: लेटने की स्थिति में 45 डिग्री तक पैर उठाये।(ब्रेस के साथ) । इसे 10 सेकंड के लिए रोको और फिर दूसरे पैर के साथ दोहराएं। प्रत्येक पैर के साथ 10 बार और दिन में दो बार करें।
  4. पैसिव नी फ़्लेक्सन (3 सप्ताह के बाद): ब्रेस निकालें और बिस्तर के किनारे पर अपने पैर लटकाएं। इसे कुछ सेकंड के लिए रखें और उसके बाद ऑपरेट हुए पैर को सीधा करने के लिए दूसरे पैर का उपयोग करें। इस तरह दर्दमुक्त पैसिव नी की गतिविधि को 90 डिग्री तक कर सकते है ।
  5. प्रोन पैसिव नी फ़्लेक्सन (3 सप्ताह के बाद): चित्र में दिखाए गए थेरा बैंड (एक एलास्टिक बैंड) का प्रयोग करें और घुटने को लेटने की स्थिति में फ्लेक्स करें। जितना हो सके उतना घुटनों को झुकाएं। 30 सेकंड के लिए रोकें, फिर रिलीज कर दें । 3-5 बार दोहराएं।
  6. सप्ताह 3 के बाद से 90 से 120 डिग्री तक पैसिव नी फ़्लेक्सन शुरू करें। प्लेक्सन पाने के लिए आप चित्रानुसार, थेरा बंद, इलास्टिक बंद, दुपट्टा किसी का भी इस्तिमाल कर सकते हैं या जब आप पलंग के सिरे से अपने पैर लटकाते हैं ऑपरेट हुए पैर को स्वस्थ पैर से धक्का दे सकते हैं, 90 से 120 डिग्री तक घुटने को मोड़ने का प्रयास करे। 10 बार दोहराएं और दिन में दो बार करें।
     

4-6 सप्ताह:

अब आप ब्रेस उतर दें और ब्रेस के बिना चलना शुरू करते हैं। अब आप पैर पर वजन डाल सकते हैं। आप वॉकर का उपयोग जारी रख सकते हैं जब तक कि आप इसके बिना चलने के लिए विश्वास प्राप्त न करें।

सभी पिछली एक्सरसाइज जारी रखें:

  1. एड़ी उठाना: 5 सेकंड तक रोकें और धीरे-धीरे नीचे आये । हर बार 10 बार दोहराव के साथ इसे 3 बार करें।
  2. एक्टिव नी एक्सटेंशन: कुर्सी में बैठकर, धीरे-धीरे अपने घुटने को 90 डिग्री से 30 डिग्री सेल्सियस तक सीधा करें, कई सेकंड के लिए 30 डिग्री पर रखें, फिर 90 डिग्री तक वापस झुकें। 10 पुनरावृत्ति के 3 सेट।
  3. हेमस्ट्रिंग कर्ल: पेट के बल लेट जाइये। अपने हैमिस्ट्रिंग मांसपेशियों का उपयोग करके अपने घुटने को 90 डिग्री तक बढ़ाएं। पैर को फिर से ज़मीन पर धीरे-धीरे नीचे लाएं । 10 पुनरावृत्ति के 3 सेट।
  4. गेस्ट्रॉक/सोलिअस स्ट्रेच (खिंचाव): चित्र में दिखाए गए अनुसार एक दीवार की ओर झुकें और अपनी पिंडली (काफ) की मांसपेशियों को स्ट्रेच करे। अपनी एड़ी को ज़मीन से न उठने दें। 15 सेकंड के लिए स्ट्रेच करे और इसे 10 बार दोहराएं। दिन में 2 बार करें ।यही कसरत घुटना मोड़ कर करे।
  5. स्टेशनरी साइकिल: सर्जरी के बाद छटवें सप्ताह में आप स्थिर साइकिल शुरू कर सकते हैं। दिन में 10 मिनट स्थिर साइकिल शुरू करें। धीरे-धीरे प्रति सप्ताह 2 मिनट तक बढ़ाए(अधिकतम 20 मिनट)।
  6. वाल स्क्वाट्स: कंधे की चौड़ाई जितने पैर खोले। एक दीवार का सहारा लें और 30 डिग्री तक झुके( स्क्वाट् करे) । ये फ़्लेक्सन घुटने के 3 कोणों (एंगल) पर किया जाना है। 30 डिग्री, 60 डिग्री और 9 0। प्रारंभ में 30 डिग्री से शुरू होता है और जैसे ही आप आराम से करने लगे तो डिग्री बढ़ाये। 10 सेकंड के लिए रोकें और फिर 5 सेकंड के लिए आराम करें । 10 पुनरावृत्ति के तीन सेट करें।

सप्ताह 6-12

  1. घुटने की गति की पैसिव रेंज को पूर्ण (0-135 डिग्री) बढ़ाएं
  2. गैस्ट्रोक / सोलियस खिंचाव
  3. हमस्ट्रिंग खिंचाव
  4. मिनी-स्क्वाट्स: 60 डिग्री तक घुटना मोड़े(स्क्वाट)। मोड़ कर इस स्थिती को होल्ड न करे व तुरंत खड़े हो जाएं। 10 पुनरावृत्ति के तीन सेट करें ।
  5. हैमस्ट्रिंग कर्ल रेजिस्टेंस के साथ (0-90 डिग्री): नीचे दी गई तस्वीर में दिखाए गए अनुसार इन अभ्यासों को करने के लिए आप लोचदार / थेरा बैंड का उपयोग कर सकते हैं। अपने आप को सहारा देने के लिए एक कुर्सी या दीवार पकड़ो। थेरा बैंड अलग-अलग रंगों में आते हैं और उनकी ताकत इस क्रम में बढ़ती जाती है: पीला-लाल-हरा-नीला-काला-सिल्वर -गोल्ड। तो आप पीले रंग के साथ शुरू करते हैं और धीरे-धीरे सुनहरे रंग पर जाते हैं। 10 बार दोहराएं और दिन में दो बार करें।

  6. क्वाड्रिसेप्स मज़बूत करने ले लिए एक्सरसाइज: यह आपके क्वाड्रिसेप्स (जांघ की सामने मांसपेशियों) बनाता है। तस्वीर में दिखाए गए अनुसार, स्टूल पर बैठें और बैंड को टखने के चारों ओर बांधें। धीरे-धीरे थेरा बैंड की ताकत बढ़ाएं। दिन में 10 मिनट करें ।
  7. स्टेप अप्स: 8 सप्ताह के बाद, आप इन एक्सरसाइज को कर सकते हैं। इन्हें आगे, पीछे और साइड टू साइड किया जा सकता है। 10 सेमी के स्टेप से शुरू करें और धीरे-धीरे इसकी ऊंचाई 30 सेमी तक बढ़ाएं।

12-24 सप्ताह:

सभी स्ट्रेचिंग (खिचाव) और स्ट्रेंगथनिंग (मजबूती) एक्सरसाइज जारी रखें । आपको अब संतुलन (बैलेंस) प्रशिक्षण शुरू करना चाहिए।

  1. एकल पैर के पंजे पर खड़ा होना: 5-10 सेकंड के लिए रोकें और 10 पुनरावृत्ति के दो सेट करते हैं।

  1. एक पैर का संतुलन, ऑंखें बंद : 5-10 सेकंड के लिए रोकें और 10 पुनरावृत्ति के दो सेट करते हैं।

  1. सिर, बांह और बॉडी की विभिन्न स्थितियों के साथ एक पैर का संतुलन: 5-10 सेकंड तक रखें और 10 पुनरावृत्ति के दो सेट करें।

 

24 सप्ताह के बाद:

एजिलिटी (चपलता) ड्रिल: एजिलिटी एक इंसान की दिशा या स्थिति को तेजी से और प्रभावी रूप से बदलने की क्षमता को कहते हैं । खेल गतिविधि के दौरान यह बहुत महत्वपूर्ण है। यह फिर से खेल में वापसी करने के लिए आत्मविश्वास देता है और फिर से चोटों को रोकने में भी मदद करता है। निम्नलिखित कुछ सरल एजिलिटी एक्सरसाइज:

  1. उल्टा भागना: यह विशेष रूप से उन खेलों के लिए एक प्रभावी ड्रिल है जिसमे हिप्स (कुल्हे) और काफ की मांसपेशियों (पैर) समूहों की ताकत और सहनशक्ति की आवश्यकता होती है। धीमी गति से शुरू करें और धीरे-धीरे गति बढ़ाएं। 50-60 मीटर उलता दौड़े और 5-10 पुनरावृत्ति करें।
  2. हाई नी ड्रिल: दौड़ते हुए अपने घुटने को जितना ऊँचा हो उतना उठायें. 30 सेकण्ड्स के लिए दौड़े. दिन में दो बार दोहराइये
  3. वर्टिकल जंपिंग: कंधे के चौड़ाई के बराबर अपने पेरो पर खड़े हों और कुल्हे घुटने और टखने को मोड़ें जब तक की 90 डिग्री तक फ्लेक्स न हो जाये । अब जितना ऊंचा हो उतना कूदो। कूदने के पश्चात् आराम से मुड़े हुए घुटने पर लैंड करे। 15-20 बार दोहराएं।
  4. कैरिओका: कैरियोका ड्रिल के दौरान आप तेज गति से साइड टू साइड दौड़ते हैं। अपने दाएं पैर को शरीर के सामने से क्रॉस करते हुए बाएं पैर के सामने लाएं । और फिर अपने बाएं पैर को दाएं पैर के सामने लाएं । अब दाएं पैर को शरीर के पीछे से क्रॉस करते हुए बाएं के साइड में ले आइये । इस प्रकार आप हर कदम के साथ साइड टू साइड होते जायेंगे । 30-40 मीटर तक ले जाएं / चलाएं।

कटिंग ड्रिल

 

  1. रन एंड कट : सीधे 10-15 मीटर के लिए मध्यम गति से चलें, दाएं पैर को जमाएं और दिशा बायीं और बदलें और फिर दौड़ना चालू करें । 15-20 बार दोहराएं।
  2. आठ बनाने की ड्रिल का चित्र : 30-40 मीटर के लिए मध्यम गति पर आठ पैटर्न की एक आकृति में दौड़ें। इसे 15 बार दोहराएं। धीरे-धीरे “8” के आकार को कम करें और अपनी दौड़ने की गति बढ़ाएं। फील्ड स्पोर्ट्स में “रन एंड कट” कौशल विकसित करने के लिए यह बहुत उपयोगी है।

प्रतियोगता का उच्च स्तर बनाये रखने के लिए एडवांस्ड वेट ट्रेनिंग और खेल से जुडी ड्रिल करने की सलाह दी जाती है

Advanced weight training and sports specific drills are advised to maintain a

higher level of competition.