बो लेग्स ( मुड़े हुए घुटने ):

एंगुलर knee deformity ( मुड़े हुए घुटने ):

बो लेग्स (पैरों के अंदरूनी झुकाव, जीनू वरम) और नॉक नीज (पैर की बाहरी झुकाव, जीनू वाल्गम) बच्चों में आम विकृतियां हैं। जीनू वरम मैं खड़े हुए बच्चे के घुटने अलग अलग दिशा में होते हैं साथ ही उनके टखने (ankle जॉइंट्स) एक दूसरे को छूते हुए रहते हैं . जबकि जीनू वाल्गम में घुटने एक दूसरे को छूते रहते हैं परन्तु टखने विपरीत दिशा में होते हैं।

अलग अलग उम्र के बचो के पांव के एलाइनमेंट (सीध) को जाने:

जन्म से 1 वर्ष तक पैर स्वाभाविक रूप से घुटनों पर 10-15 डिग्री तक घूमे हुए रहते हैं । इसे फिजियोलॉजिकल (प्राकृतिक) वरम कहा जाता है। 1 साल की उम्र के बाद, यह आंतरिक झुकाव धीरे-धीरे कम हो जाता है और 18-24 महीने तक, पैर सीधे हो जाते है। 2 साल के अंगों के बाद बाहर की तरफ झुकना शुरू होता है (वाल्गस) जो 3-4 साल की आयु में चरम सीमा पर पहुंच जाता है (15-20 डिग्री तक जा सकता है)। उसके बाद, धीरे-धीरे बहार की और झुकना 5-6 साल की आयु तक 5-7 डिग्री तक कम हो जाती है, जो वयस्क जीवन में बनी रहती है।

बच्चों में पैर विकृतियों के सामान्य कारण:

विटामिन डी की कमी भारत में बो लेग्स (जीनु वरम) का सबसे आम कारण है। अन्य आम कारण ब्लॉउन्ट डिजीज है। ज्यादातर मामलों में नॉक नीज (जीनू वाल्गम) का कारण अज्ञात है। नॉक नीज का दूसरा सबसे आम कारण विटामिन डी की कमी है।

ब्लॉउन्ट डिजीज :

यह बीमारी बच्चों में बो लेग्स का एक आम कारण भी है और यह यह जो बच्चे जल्दी चलने लग जाते हैं एवं जिनका वजन सामान्य से अधिक होता है, उनमे होता है। ज्यादा वजन वाले बच्चों में, ज्यादा वजन सहन करने के कारन ग्रोथ प्लेट की ग्रोथ रुक जाती है या असामान्य हो जाती है।. इसका डायग्नोसिस एक्स – रे में दर्शयी ग्रोथ प्लेट की विकृति से होता है।

प्रबंधन (मैनेजमेंट):

माता पिता को प्रथम दो वर्षो तक बो लेग्स की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है करनी चाइये क्योंकि इस अवधि में यह प्राकृतिक (नेचुरल) होता है। माता पिता को ईंटोइंग (पैर की उँगलियों का चलते समाया सामने के बजाये अंदर मुड़ना ) को लेकर चिंतित हो सकते है जो की इस अवधि में सामान्य है। दोनों ही स्थितियां बचे के उम्र बढ़ने के साथ सही हो जाती है । एक डॉक्टर द्वारा दो साल के बाद बोइंग का मूल्यांकन किया जाना चाहिए। अधिकांश बोइंग के मामलों में विटामिन डी की कमी को पूरी करने से सही किया जा सकता है । जटिल केसेस में ही सर्जरी की ज़रूरत होती है । सर्जरी के बाद ब्लॉउन्ट डिजीज में २-३ वर्ष तक ब्रेस लगाने पड़ते हैं

नोक नीज ( बहार की तरफ मुड़े हुए घुटने ) सात वर्ष तक सामान्य है । लेकिन, ज्यादा घुमाव ( जिसका पता डॉक्टर एक्स रे देख के करते हैं ) का इलाज करना जरुरी है । इतने वर्षो के बाद भी अगर ज्यादा घुमाव लगता है तो सर्जरी से ठीक किया जा सकता है ।